अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भुवनेश्वर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भुवनेश्वर

निदेशक का संदेश

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, (एम्स) भुवनेश्वर, भारत में राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (आईएनआई) में से एक है । जिसे संसद के एक अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया है और एम्स, नई दिल्ली पर प्रतिरूपण किया गया है । इस संस्थान के निदेशक के रूप में नियुक्त किए जाने पर मैं सम्मानित अनुभव करती हूँ । एम्स, भुवनेश्वर सबसे तेज़ी से बढ़ रहे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में से एक है जिसे चिकित्सा संस्थानों को चलाने के तरीके में स्पष्ट रूप से प्रतिरूपण किया गया है । जिसके लिए मैं संस्थापक निदेशक, प्रोफेसर ए.के महापात्र जी को उनके सराहनीय प्रयासों के लिए धन्यवाद देती हूँ । राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों जैसे चिकित्सा संस्थानों को अब शैक्षणिक उत्कृष्टता के पृथक दिखावटी टावरों के रूप में नहीं माना जा सकता है, यहाँ शिक्षा और कौशल विकास को चिकित्सा में अभिज्ञ विद्वानों द्वारा पढ़ाया जाता है । यह संस्थान अब बीमारियों की रोक-थाम और इलाज, स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने, अनुसंधान करने वाले हमारे लोगों के लिए और इस देश के उपचार से वंचित लाखों लोगों को सेवा प्रदान करने के लिए एकजुट हो रहे कई व्यक्तियों के साथ सामूहिक कार्य के लिए सही स्थल है ।

मेरा मानना है कि एक चिकित्सा संस्थान को सर्वश्रेष्ठ स्नातक चिकित्सा डॉक्टरों को तैयार करके अपने जनादेश को पूरा करना चाहिए जो सहानुभूति, व्यावसायिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ सेवा प्रदान करने के लिए तैयार हों । स्नातकोत्तर छात्रों को ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण प्रदर्शित करना चाहिए जो मूल नैदानिक या प्रयोगशाला सुविधाओं के साथ उच्च नैदानिक चिकित्सा सेवाओं का समर्थन करे जो समझदारी से चुने जाते हैं और करुणा और समग्र दृष्टिकोण के साथ प्रदान किए जाते हैं । नर्सिंग और अन्य पैरामेडिकल सेवाओं को केवल रोगी देखभाल के सभी पहलुओं से रोगियों के इलाज के उद्देश्य से नहीं प्रदान करना चाहिए, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण, व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण और रखरखाव के तत्वों के बारे में रोगियों को शिक्षित करने के हर अवसर का उपयोग करना चाहिए । एम्स की अद्वितीय भौगोलिक स्थापना भुवनेश्वर, ओडिशा के लोगों को जल्द और आसानी से अस्पताल पहुंचने की सुविधा देती है । जैसे-जैसे सेवाओं में सुधार हुआ, हमने उपचार प्राप्त करने के लिए आने वाले रोगियों की संख्या में बड़ी वृद्धि देखी है । यह अपने आप में हमारे संकाय और कर्मचारियों द्वारा प्रदान की जाने वाली देखभाल का प्रमाण है ।

एम्स, भुवनेश्वर के छात्रों को एक प्रक्रिया द्वारा चुना जाता है जो पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, ताकि अच्छे से अच्छे छात्रों को अपने सपनों को साकार करने का मौका मिले । संगठन का माहौल और संस्कृति स्व-निर्देशित शिक्षा की सुविधा प्रदान करती है और हमारे छात्रों को उनके लक्ष्य के रूप में मानवता की सेवा के साथ सबसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में काम करने में सक्षम और आजीवन शिक्षार्थी बनने के लिए प्रोत्साहित करती है ।

इस संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में मेरी भूमिका प्रत्येक कर्मचारी, छात्र और संकाय सदस्य को उनकी अधिकतम क्षमता तक पहुंचने और सक्षम बनाने के लिए मार्ग दर्शन करना होगी । इसके लिए मैं एक योग्यता आधारित पाठ्यक्रम शुरू करके पठन-पाठन के नए तरीकों, बेहतर मूल्यांकन प्रणाली और नैदानिक विषयों के साथ बुनियादी विज्ञान के अधिक एकीकरण के साथ सभी पाठ्यक्रमों को संशोधित करना चाहती हूँ । मैं सस्ती और लागत प्रभावी, स्थल पर रोगी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने वाली अस्पताल सेवाओं को शुरू करना चाहती हूँ । आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य मुद्दों को हल करने के लिए सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम को प्राथमिकता दी जाएंगी । भर्तियां आयोजित करके बढ़ते कर्मचारियों और छात्र शक्ति को संभालने के लिए, यह सुनिश्चित करना कि सभी अनुमोदित परियोजनाएं समय सीमा के अंदर पूरी की जाएंगी, पर्याप्त आईटी बुनियादी ढांचे जैसे वाई-फाई कनेक्टिविटी और प्रशासन में ई-गवर्नेंस की स्थापना, शिक्षाविदों और अस्पताल सेवाओं के लिए सभी प्रशासनिक मशीनरी को व्यवस्थित किया जाएगा । मैं कर्मचारियों और छात्र कल्याण कि पहल करने और पर्यावरण स्वच्छता उपायों को आगे बढ़ाने और मजबूत करने की भी आशा करती हूँ । एम्स भुवनेश्वर नीति निर्धारण, सूचना प्रदान करने, तकनीकी सहायता और सभी स्तरों पर स्वास्थ्य देखभाल नीति निर्माताओं को सलाह प्रदान करने में भी भूमिका निभाएगा । यह अब सुनने में एक लंबा आदेश लगता है, लेकिन मुझे यकीन है कि सरकार, कर्मचारियों, छात्रों, संकाय और ओडिशा के लोगों के समर्थन के साथ यह निश्चित रूप से पूरा हो जाएगा । मैं इस यात्रा की प्रतीक्षा करती हूँ जिसे करने का मुझे विशेषाधिकार मिला है ।

शुभकामनाएँ          

(डॉ. गीतांजलि बतमानबाने)

निदेशक